Sunday, February 20, 2011

बसेरा

मिले वो बसेरा जो हो दरिया ए हिकमत करीब,
जहाँ ख्याल हर चिराग़ हो, हर चिराग़ हो अजीब;
अजीब हो कुछ इस कदर के नजीब सी मिसाल हो,
हबीब हो वोह जिस्म से और रूह से मशाल हो ;
बसेरे की दीवार बस हवा हो ख्वाबगाह की,
ख्वाबगाह भी ऐसी हो जो दे जगह पनाह की;
शहतीर एक आस हो ना सिरा जिसे नसीब हो,
नसीब हो बसेरा ये तो कौन तब रकीब हो II

दरिया-ए-हिकमत = river of wisdom
नजीब = noble
हबीब = sweetheart
शहतीर = beam support
रकीब = enemy

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